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दिव्यांग पेंशन: अब 40% दिव्यांगता पर मिलेगा लाभ

Wheelchair accessibility symbols painted on the ground
Photo: “Wheelchair accessibility signs on ground” by Satirdan kahraman · CC0 1.0 · via Openverse (wikimedia)

In brief

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल जारी रखने की मंज़ूरी दी। इसका कुल खर्च 53,428 करोड़ रुपये होगा। योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना किया गया है और दिव्यांग पेंशन के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं।

दिव्यांग पेंशन में क्या बदला?

PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, अब पेंशन के लिए ‘बेंचमार्क दिव्यांगता’ 40% मानी जाएगी, जो पहले 80% थी। UNI के मुताबिक न्यूनतम आयु की शर्त भी हटा दी गई है, यानी पात्र व्यक्ति जन्म से ही सहायता पा सकेंगे। हर महीने की सहायता 0 से 79 साल की उम्र तक 375 रुपये और 80 साल या उससे ज़्यादा उम्र पर 625 रुपये तय की गई है।

बाकी योजनाएं

वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना अपने मौजूदा रूप में जारी रहेंगी। DD News के अनुसार, इस फैसले से सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा होगा।

बदलाव क्यों?

सरकार ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में 40% बेंचमार्क दिव्यांगता का प्रावधान है, और यह भी कहा गया है कि दिव्यांगता से जुड़ी सहायता दूसरी समान योजनाओं से कम से कम 25% ज़्यादा होनी चाहिए। ग्रामीण विकास विभाग नए दिशा-निर्देश जारी करेगा, और बदलाव तीन महीने के भीतर लागू किए जाने हैं।

सालाना रकम का हिसाब लगाना हो, जैसे 375 रुपये × 12 महीने, तो हमारा प्रतिशत कैलकुलेटर और उम्र कैलकुलेटर मदद कर सकते हैं।

यह सामान्य समाचार सारांश है। ViralScopeHub का भारत सरकार या किसी सरकारी विभाग से कोई संबंध नहीं है; आवेदन और पात्रता के लिए आधिकारिक दिशा-निर्देश देखें।

Why it matters

पात्रता 80% से घटकर 40% होने से बहुत से ऐसे दिव्यांग लोग भी पेंशन के दायरे में आ सकते हैं जो अब तक छूट जाते थे।

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Sources

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