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बेंगलुरु के वैज्ञानिकों की खोज: चमकीला एक्स-रे पल्सर सेंटॉरस X-3 'अभिवृद्धि डिस्क' से पदार्थ खींच रहा है

Artist's impression of a glowing neutron star giving off a wind of particles in space
Photo: “Artist's Impression of Pulsar Wind from a Neutron Star (2018-43-4232)” by NASA, ESA, and N. Tr’Ehnl (Pennsylvania State University) · Public domain · via Wikimedia Commons

In brief

बेंगलुरु स्थित रमन अनुसंधान संस्थान (RRI) के वैज्ञानिकों ने पाया है कि सबसे चमकीले एक्स-रे पल्सरों में से एक, सेंटॉरस X-3, अपने साथी तारे का पदार्थ एक अभिवृद्धि डिस्क (accretion disk) के ज़रिए खींच रहा है। PIB ने 21 अक्टूबर 2026 को इस अध्ययन की जानकारी दी। RRI विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) का एक स्वायत्त संस्थान है, और अध्ययन का नेतृत्व शोधकर्ता किंजल रॉय ने किया।

पल्सर और उसका साथी तारा

एक्स-रे बाइनरी पल्सर में दो पिंड होते हैं: एक पल्सर, यानी बहुत तेज़ चुंबकीय क्षेत्र वाला न्यूट्रॉन तारा, और उसका साथी तारा। RRI के अनुसार न्यूट्रॉन तारे में हमारे सूर्य जितना द्रव्यमान बेंगलुरु शहर जितने छोटे गोले में सिमटा होता है। पल्सर का भारी गुरुत्वाकर्षण साथी तारे से निकला पदार्थ अपनी ओर खींचता है और इस प्रक्रिया में एक्स-रे निकलती हैं। सेंटॉरस X-3 एक उच्च-द्रव्यमान एक्स-रे बाइनरी है, जिसका साथी तारा सूर्य से 10 गुना से भी ज़्यादा भारी है। यह सबसे पहले खोजे गए एक्स-रे पल्सरों में से एक है और सेंटॉरस तारामंडल में लगभग 24,000 प्रकाश-वर्ष दूर है।

क्या पता चला

वैज्ञानिकों ने यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की एक्स-रे वेधशाला XMM-Newton के आँकड़ों से चार 'द्वितीयक उत्सर्जन रेखाओं' का गहराई से अध्ययन किया। पहले के अध्ययनों में दिखा था कि ये रेखाएँ पल्सर के घूमने के साथ घटती-बढ़ती हैं। नए विश्लेषण से पता चला कि इसके पीछे की संरचना पल्सर के साथ ही घूम रही है, और यह एक 'अभिवृद्धि धारा' है जो डिस्क से पदार्थ को पल्सर के चुंबकीय ध्रुवों तक ले जाती है। जब यह धारा उपग्रह और पल्सर के बीच आती है, तो पल्सर की मुख्य चमक घटती है और धारा से आने वाला द्वितीयक उत्सर्जन बढ़ता है। ऐसी धारा तभी बन सकती है जब डिस्क मौजूद हो। उच्च-द्रव्यमान बाइनरी में आम तौर पर पल्सर साथी तारे की 'तारकीय हवा' को सीधे पकड़ता है, इसलिए डिस्क का मिलना दुर्लभ है। रॉय के अनुसार इसका मतलब है कि भविष्य में इस तंत्र के मॉडल में डिस्क से आने वाले उत्सर्जन को भी गिनना होगा। यह शोध The Astrophysical Journal में प्रकाशित हुआ है।

VSH की राय: 24,000 प्रकाश-वर्ष दूर के एक बिंदु जैसे स्रोत से उसकी बनावट का पता लगाना किसी जासूसी कहानी से कम नहीं। अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले छात्र हमारे लाइव अर्थ फ्रॉम स्पेस पेज देखें, बड़ी संख्याओं के लिए साइंटिफ़िक कैलकुलेटर आज़माएँ, और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए UPSC CSE और JEE Main स्टडी पेज तथा एग्ज़ाम हब पर जाएँ।

यह PIB और रमन अनुसंधान संस्थान की जानकारी पर आधारित हमारा अपना सारांश है। ViralScopeHub का RRI, DST या भारत सरकार से कोई संबंध नहीं है।

Why it matters

भारतीय संस्थानों का ऐसा शोध दिखाता है कि अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की भागीदारी बढ़ रही है, और यह विज्ञान व सामान्य ज्ञान की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी उपयोगी विषय है।

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सेंटॉरस X-3 क्या है?

यह एक उच्च-द्रव्यमान एक्स-रे बाइनरी पल्सर है, जिसमें एक न्यूट्रॉन तारा और सूर्य से 10 गुना से अधिक भारी साथी तारा है। यह सेंटॉरस तारामंडल में लगभग 24,000 प्रकाश-वर्ष दूर है।

इस अध्ययन में नया क्या है?

वैज्ञानिकों ने पाया कि पल्सर अभिवृद्धि डिस्क से पदार्थ खींच रहा है, जो उच्च-द्रव्यमान बाइनरी में दुर्लभ है; आम तौर पर वहाँ तारकीय हवा को सीधे पकड़ा जाता है।

अध्ययन किसने किया?

बेंगलुरु के रमन अनुसंधान संस्थान (RRI) के शोधकर्ता किंजल रॉय के नेतृत्व में, ESA की XMM-Newton वेधशाला के आँकड़ों से।

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Sources

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