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दिव्यांग पेंशन के नियम बदले: अब 40% दिव्यांगता पर भी मिलेगी पेंशन, जन्म से पात्रता और राशि बढ़ी

मेट्रो स्टेशन तक जाने वाला रेलिंग वाला ढलानदार रास्ता (रैंप), जिससे व्हीलचेयर से आना-जाना आसान होता है
Photo: “Wheelchair ramp at the Metro Rail Transit's (MRT) EDSA-Philam station” by Robert Alfiler · CC0 1.0 · via Openverse (wikimedia)

In brief

PIB के 22 अक्टूबर 2026 के विवरण के मुताबिक़ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक पाँच साल के लिए जारी रखने को मंज़ूरी दी, जिस पर ₹53,428 करोड़ ख़र्च होंगे। कार्यक्रम का नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना होगा। सबसे बड़ा बदलाव दिव्यांग पेंशन में है: अब 80% की जगह 40% बेंचमार्क दिव्यांगता वाले लोग पात्र होंगे, 18 साल की न्यूनतम उम्र की शर्त हटा दी गई है और केंद्र की मासिक सहायता बढ़ाई गई है।

क्या बदला है

अब तक दिव्यांग पेंशन (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना) पाने के लिए कम से कम 80% दिव्यांगता और 18 साल की उम्र ज़रूरी थी। नए फ़ैसले के बाद इसका नाम प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना होगा और यह दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के 40% बेंचमार्क से जुड़ेगी। उम्र की न्यूनतम सीमा हटने से गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के परिवार के दिव्यांग बच्चे भी जन्म से पात्र होंगे, जबकि पहले परिवार को बच्चे के 18 साल का होने तक इंतज़ार करना पड़ता था।

केंद्र की सहायता 79 साल तक की उम्र के लिए ₹300 से बढ़कर ₹375 महीना और 80 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लिए ₹500 से बढ़कर ₹625 महीना होगी। PIB के अनुसार इस योजना के लाभार्थी 8.33 लाख से बढ़कर 27.48 लाख हो जाएँगे। राज्य अपनी ओर से इसके ऊपर अतिरिक्त राशि भी जोड़ते हैं; सितंबर 2026 तक यह टॉप-अप ₹50 से ₹5,700 महीना तक था।

बाकी योजनाएँ और आगे क्या

वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ योजना पहले की तरह चलती रहेंगी, बस उनके नाम बदलकर प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना, प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना और प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना होंगे। पूरे कार्यक्रम के दायरे में सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 3.20 करोड़ लाभार्थी होंगे। PIB के मुताबिक़ नई पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और दरों वाले संशोधित दिशानिर्देश तीन महीने के अंदर जारी कर लागू किए जाएँगे। दिव्यांगता प्रमाणपत्र, BPL परिवार की शर्त और राज्य के समाज कल्याण विभाग के ज़रिए आवेदन की प्रक्रिया पहले जैसी रहेगी।

VSH की राय: 40% का पैमाना अपनाना उन लाखों लोगों के लिए राहत है जो अब तक 80% की कड़ी शर्त की वजह से बाहर रह जाते थे। असली फ़र्क़ तब दिखेगा जब नए दिशानिर्देश आने के बाद प्रमाणपत्र और आवेदन की प्रक्रिया आसान और तेज़ हो। प्रतिशत का हिसाब समझने के लिए हमारा प्रतिशत कैलकुलेटर काम आ सकता है।

ViralScopeHub एक स्वतंत्र समाचार सारांश साइट है और भारत सरकार या PIB से संबद्ध नहीं है। आवेदन से पहले अपने राज्य के समाज कल्याण विभाग से आधिकारिक जानकारी ज़रूर लें।

Why it matters

दिव्यांग पेंशन की पात्रता 80% से घटाकर 40% करने और उम्र की शर्त हटाने से BPL परिवारों के लाखों दिव्यांग बच्चों और बड़ों को पहली बार केंद्र की मासिक सहायता मिल सकती है।

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नई दिव्यांग पेंशन के लिए कितनी दिव्यांगता ज़रूरी है?

अब 40% बेंचमार्क दिव्यांगता, जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत प्रमाणित हो। पहले यह शर्त 80% थी।

दिव्यांग पेंशन में केंद्र कितनी राशि देगा?

79 साल तक ₹375 महीना और 80 साल या उससे ज़्यादा उम्र पर ₹625 महीना। राज्य इसके ऊपर अपनी राशि जोड़ सकते हैं।

नए नियम कब से लागू होंगे?

PIB के अनुसार संशोधित दिशानिर्देश तीन महीने के अंदर जारी और लागू किए जाएँगे। आवेदन राज्य के समाज कल्याण विभाग के ज़रिए ही होगा।

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Sources

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