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यमुना की सफ़ाई के लिए ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाएँ शुरू, मई 2029 तक नदी साफ़ करने का लक्ष्य

In brief
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में यमुना पुनरुद्धार से जुड़ी ₹8,941 करोड़ की 43 परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इनमें 10 परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ और 33 की आधारशिला रखी गई। इनका मक़सद गंदे पानी को यमुना में पहुँचने से पहले साफ़ करना और दिल्ली का सीवर नेटवर्क मज़बूत करना है। शाह ने मई 2029 तक दिल्ली में यमुना को साफ़ करने का लक्ष्य दोहराया।
किन कामों की शुरुआत हुई
DD News (PIB इनपुट) के मुताबिक़ इन परियोजनाओं में मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का अपग्रेड, नए STP, विकेंद्रीकृत STP के साथ पंपिंग स्टेशन और घरों तक सीवर कनेक्शन पहुँचाने का काम शामिल है। सीवर लाइनों की मरम्मत, नालों के गंदे पानी को रोककर (टैपिंग) प्लांट तक ले जाने और जल निकासी सुधारने का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है। द हिंदू के अनुसार 10 लोकार्पित परियोजनाओं की लागत ₹2,827.11 करोड़ और 33 नई परियोजनाओं की लागत ₹6,114.11 करोड़ है। कार्यक्रम में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद थीं।
सबसे बड़ी परियोजना ओखला में 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट है, जिसे दिल्ली का सबसे बड़ा STP बताया गया है और जो केंद्र व दिल्ली सरकार ने मिलकर बनाया है। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा के हवाले से रिपोर्ट्स में बताया गया कि बाहरी दिल्ली में 29 नए विकेंद्रीकृत STP और पंपिंग स्टेशन 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गाँवों को कवर करेंगे, जिससे करीब 36.29 लाख लोगों को फ़ायदा होगा। 1,034 किलोमीटर लंबा नया सीवर नेटवर्क बिछाने का काम भी शुरू हुआ है।
आगे की योजना
शाह ने कहा कि केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें मिलकर समयबद्ध रोडमैप पर काम कर रही हैं, क्योंकि यमुना में गंदा पानी सिर्फ़ दिल्ली से नहीं, पड़ोसी राज्यों से भी आता है। उन्होंने तीन साल की कार्ययोजना के तहत दिल्ली के हर घर को सीवर कनेक्शन और साफ़ पीने का पानी देने की बात कही। उनके मुताबिक़ दिल्ली में अब तक 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरा हटाया गया है और ओखला व भलस्वा के कचरे के पहाड़ों की ऊँचाई 30 से 40 मीटर कम हुई है।
VSH की राय: नदी की सफ़ाई का असली पैमाना उद्घाटन नहीं, बल्कि यह है कि प्लांट समय पर पूरी क्षमता से चलें और हर घर का गंदा पानी सच में उन तक पहुँचे। आम तौर पर लोग ऐसी घोषणाओं का स्वागत करते हैं, लेकिन असली नतीजे आने वाले सालों में पानी की गुणवत्ता से ही तय होंगे। दिल्ली में रहने वाले लोग सर्दियों में हवा की स्थिति के लिए हमारा एयर क्वालिटी टूल भी देख सकते हैं।
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Why it matters
यमुना दिल्ली के लाखों लोगों के पीने के पानी और आस्था दोनों से जुड़ी है, इसलिए सीवर और ट्रीटमेंट प्लांट का काम समय पर पूरा होना शहर की सेहत और पर्यावरण के लिए अहम है।
People also ask
यमुना सफ़ाई की इन परियोजनाओं की कुल लागत कितनी है?
कुल ₹8,941 करोड़। इनमें 10 परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ और 33 की आधारशिला रखी गई।
इन परियोजनाओं में सबसे बड़ा प्लांट कौन-सा है?
ओखला का 124 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जिसे दिल्ली का सबसे बड़ा STP बताया गया है।
यमुना को कब तक साफ़ करने का लक्ष्य है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मई 2029 तक दिल्ली में यमुना को साफ़ करने का लक्ष्य बताया है।
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Sources
- DD News (PIB इनपुट): Home Minister Amit Shah Launches ₹8,941-Crore Yamuna Rejuvenation Projects in Delhi, Targets Clean River by May 2029
- The Hindu: Amit Shah vows to clean Yamuna by May 2029, unveils water and sewerage projects worth ₹8,941 crore
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