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भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता आज से लागू: क्या बदलेगा

Stacked shipping containers and cranes at a busy cargo port
Photo: “Port of Melbourne” by rawpixel.com · CC0 1.0 · via Openverse (rawpixel)

In brief

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) विजयादशमी के दिन, 20 अक्टूबर 2026 से लागू हो गया। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार अब भारत से न्यूज़ीलैंड जाने वाले सभी सामान पर सीमा शुल्क नहीं लगेगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले ने 19 अक्टूबर को एक वर्चुअल कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।

भारतीय निर्यातकों को क्या मिलेगा?

पीआईबी की विज्ञप्ति के मुताबिक न्यूज़ीलैंड ने भारतीय निर्यात से जुड़ी सभी टैरिफ़ लाइनों पर शुल्क खत्म कर दिया है। अब तक कुछ उत्पादों पर 10% तक शुल्क लगता था। कपड़ा, चमड़ा, जूते-चप्पल, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स, दवाएँ और प्रोसेस्ड फ़ूड जैसे क्षेत्रों को इसका फ़ायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि छोटे उद्योगों (MSME), कारीगरों, किसानों और महिला उद्यमियों के लिए यह नया बाज़ार खोलता है। लागू होने के दिन भारत से न्यूज़ीलैंड के लिए पहली बार एक JCB मशीन का निर्यात भी रवाना किया गया।

छात्रों और पेशेवरों के लिए क्या है?

समझौते के तहत भारतीय पेशेवरों के लिए हर साल 5,000 अस्थायी रोज़गार वीज़ा और 1,000 वर्किंग हॉलिडे वीज़ा का कोटा रखा गया है। विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय छात्रों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी। STEM में बैचलर या मास्टर करने वालों को पढ़ाई के बाद तीन साल तक और पीएचडी करने वालों को चार साल तक काम करने का अधिकार मिलेगा। पहली बार आयुर्वेद, योग और दूसरी आयुष सेवाओं को भी न्यूज़ीलैंड में अलग से पहुँच दी गई है।

किसानों की सुरक्षा और निवेश

सरकार के मुताबिक डेयरी, चीनी, खाद्य तेल और कुछ प्रमुख कृषि उत्पादों को रियायतों से बाहर रखा गया है। सेब, कीवी और मनुका शहद के आयात कोटा को कृषि उत्पादकता कार्ययोजनाओं से जोड़ा गया है, जिनके तहत नगालैंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में उत्कृष्टता केंद्र बनाने की योजना है। न्यूज़ीलैंड ने भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश लाने में मदद करने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

व्यापार अभी कितना है?

आकाशवाणी समाचार के अनुसार 2025-26 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार लगभग 1.1 अरब डॉलर रहा। दोनों देशों ने 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को दोगुना करके लगभग 7 अरब न्यूज़ीलैंड डॉलर (करीब ₹35,000 करोड़) तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। बातचीत मार्च 2025 में शुरू हुई, दिसंबर 2025 में पूरी हुई और समझौते पर 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर हुए थे।

VSH की राय: आम लोगों के लिए सबसे बड़ी ख़बर शायद पढ़ाई और काम के मौके हैं। न्यूज़ीलैंड में पढ़ने का सोच रहे छात्रों को अब पोस्ट-स्टडी वर्क के नियम साफ़ दिख रहे हैं। निर्यातकों के लिए असली फ़ायदा इस पर निर्भर करेगा कि वे नए बाज़ार का कितना इस्तेमाल करते हैं। फ़ीस और खर्च का अंदाज़ा लगाने के लिए हमारा मुद्रा परिवर्तक और फ़्लाइट्स हब देखें, और परीक्षा की तैयारी के लिए IELTS गाइड पढ़ें।

यह ख़बर सरकारी विज्ञप्तियों और समाचार रिपोर्टों पर आधारित हमारा अपना सारांश है। ViralScopeHub किसी सरकारी विभाग से जुड़ा नहीं है; आधिकारिक जानकारी के लिए वाणिज्य मंत्रालय की वेबसाइट देखें।

Why it matters

यह समझौता भारतीय निर्यातकों, खासकर छोटे उद्योगों, के लिए एक विकसित बाज़ार में शुल्क-मुक्त रास्ता खोलता है, और न्यूज़ीलैंड में पढ़ाई या काम की योजना बना रहे भारतीय छात्रों व पेशेवरों के लिए नियम आसान करता है।

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भारत-न्यूज़ीलैंड FTA कब लागू हुआ?

यह समझौता 20 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी) से लागू हुआ है। इस पर 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर हुए थे।

क्या भारतीय छात्रों के लिए कोई सीमा है?

सरकार के अनुसार भारतीय छात्रों की संख्या पर कोई सीमा नहीं है, और STEM ग्रेजुएट्स को पढ़ाई के बाद तीन साल तक काम का अधिकार मिलेगा।

कौन से उत्पाद समझौते से बाहर हैं?

डेयरी, चीनी, खाद्य तेल और कुछ प्रमुख कृषि उत्पादों को रियायतों से बाहर रखा गया है।

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Sources

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