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दिल्ली-NCR की हवा में क्या घुला है और कहाँ से आ रहा है? नई AATAL लैब अब असली समय में बताएगी

चित्र: दिल्ली-NCR की हवा के प्रदूषण स्रोत - वाहन, उद्योग, पराली व बायोमास, निर्माण व सड़क की धूल और बाहर से आने वाला प्रदूषण - साथ में 400 मीटर, 72 घंटे का पूर्वानुमान
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In brief

केंद्रीय विज्ञान और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने 24 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में IITM की दिल्ली शाखा में 'इंटीग्रेटेड एटमॉस्फेरिक केमिस्ट्री एंड एरोसोल टॉक्सिसिटी एनालिसिस लेबोरेटरी' (AATAL) का उद्घाटन किया। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) के मुताबिक़ मंत्री ने इसे दुनिया में अपनी तरह की पहली एकीकृत सुविधा बताया। यह लैब हवा में प्रदूषण का स्तर ही नहीं, बल्कि उसमें मौजूद तत्व, उनके स्रोत, हर स्रोत का हिस्सा और सेहत पर संभावित असर भी बताएगी।

AATAL क्या करेगी

यह लैब 'मिशन मौसम' के तहत बनाई गई है। इसमें आधुनिक उपकरण हवा की गैसों और एरोसोल, जैसे बारीक कण PM2.5, धातुओं और ज़हरीले तत्वों की रासायनिक जाँच करेंगे। इससे वैज्ञानिक अलग-अलग स्रोतों को पहचान सकेंगे, जैसे गाड़ियों का धुआँ, उद्योग, बायोमास और पराली जलाना, निर्माण और सड़क की धूल, और आसपास के इलाक़ों से उड़कर आने वाला प्रदूषण। मंत्री ने कहा कि पहले चर्चा बस इस पर होती थी कि प्रदूषण का स्तर 100 है या 200, जबकि यह सुविधा यह भी बताएगी कि प्रदूषण किन चीज़ों से बना है और किस स्रोत का कितना योगदान है। PIB के अनुसार उद्घाटन के समय स्क्रीन पर दिख रहा था कि उस पल दिल्ली के प्रदूषण में परिवहन का हिस्सा लगभग 25 प्रतिशत था और कुल स्तर क़रीब 180 था।

AIRWISE से जुड़ाव और पूर्वानुमान

लैब को IITM की AIRWISE प्रणाली से जोड़ा गया है, जो वायु गुणवत्ता के पूर्वानुमान, माप और स्रोत की जानकारी एक साथ रखती है। प्रोजेक्ट टीम के अनुसार AIRWISE अगले 72 घंटों के लिए 400 मीटर के रेज़ोल्यूशन पर पूर्वानुमान देता है, यानी दिल्ली के अलग-अलग इलाक़ों में हवा कैसी रहेगी, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। यह जानकारी वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और दूसरी एजेंसियों को सही जगह और सही स्रोत पर कार्रवाई करने और ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के फ़ैसलों में मदद करेगी। प्रोजेक्ट निदेशक डॉ. सचिन घुडे ने कहा कि ऐसी क्षमता आगे दूसरे शहरों तक भी बढ़ाई जा सकती है।

VSH की राय: सर्दियों में दिल्ली की हवा हर साल बड़ी चिंता बनती है, और सिर्फ़ AQI का नंबर जानने से यह साफ़ नहीं होता कि गड़बड़ी कहाँ से है। अगर स्रोत का हिस्सा रोज़ और इलाक़े के हिसाब से पता चले, तो कार्रवाई ज़्यादा सटीक हो सकती है। अपने शहर की हवा देखने के लिए हमारा वायु गुणवत्ता (AQI) टूल देखें, धुंध के मौसम में यात्रा की योजना बनाने से पहले फ़्लाइट्स हब पर किराए देखें, और विज्ञान या पर्यावरण की परीक्षा की तैयारी के लिए हमारे परीक्षा गाइड और स्टडी पेज पर जाएँ। हिंदी में टाइप करना हो तो हिंदी टाइपिंग टूल मुफ़्त है।

ViralScopeHub एक स्वतंत्र समाचार सारांश साइट है और भारत सरकार, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, IITM या PIB से किसी भी तरह जुड़ी नहीं है। पूरी और आधिकारिक जानकारी के लिए PIB की मूल विज्ञप्ति देखें। चित्र हमारी साइट ने ख़ुद बनाया है।

Why it matters

दिल्ली-NCR के करोड़ों लोगों के लिए यह जानना अहम है कि सर्दियों में ख़राब हवा के पीछे असल में कौन-से स्रोत हैं, ताकि कार्रवाई सही जगह हो।

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AATAL का पूरा नाम क्या है?

Integrated Atmospheric Chemistry and Aerosol Toxicity Analysis Laboratory, यानी वायुमंडलीय रसायन और एरोसोल विषाक्तता की जाँच करने वाली एकीकृत प्रयोगशाला।

यह लैब कहाँ है और कब शुरू हुई?

यह नई दिल्ली में IITM की दिल्ली शाखा में है और इसका उद्घाटन 24 अक्टूबर 2026 को डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।

यह AQI से अलग क्या बताएगी?

AQI सिर्फ़ प्रदूषण का स्तर बताता है। AATAL यह भी बताएगी कि प्रदूषण में कौन-से तत्व हैं, वे किन स्रोतों से आ रहे हैं और हर स्रोत का कितना हिस्सा है।

AIRWISE क्या है?

IITM की प्रणाली, जो वायु गुणवत्ता के पूर्वानुमान, माप और स्रोत की जानकारी जोड़ती है। यह अगले 72 घंटों का 400 मीटर रेज़ोल्यूशन वाला पूर्वानुमान देती है।

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Sources

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